सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जज लोया मामले में पुलिस ने नहीं की सही जांच, ‘आपराधिक संहिता’ का उल्लंघन

0
6
Judge loya case suprem court
Judge loya case suprem court
Download Our Android App Online Hindi News

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार कहा कि सीबीआई जज लोया कि जिस परिस्तिथियों में मौत हुई थी उसके बाद पुलिस की कार्रवाई आपराधिक संहिता का उल्लंघन है। कोर्ट ने ये टिप्पणी जज लोया की मौत की जांच कराने की याचिका की सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को एफआईआर करनी चाहिए थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागपुर में न्यायाधीश लोया की मौत के बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया आपराधिक संहिता धारा 174 के उल्लंघन है।

गौरतलब है कि इस मामले में महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर पक्षपात का आरोप लग रहा है। जब लोया की मृत्यु हुई तो वह महाराष्ट्र में ही थे। महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मौत से सम्बंधित जो रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की है उसमें भी बहुत सी गड़बड़ियां पाई गई हैं।

याचिकाकर्ता का पक्ष रख रही अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि ये कहा जा रहा है कि जज लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। जबकि उन्हें इस प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। न ही उनके परिवार में से किसी को इस तरह की बीमारी है। न उन्हें ब्लडप्रेशर की परेशानी थी और न ही डायबिटीज़। बल्कि वो तो रोज़ दो घंटे टेनिस खेला करते थे।

Judge loya case suprem court
Judge loya case suprem court

बता दें कि लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को देख रहे थे। इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें की कार्रवाई गुजरात से बाहर करने का आदेश दिया था जिसके बाद ये मामला सीबीआई अदालत में आया।

यहाँ इस मामले को देख रहे पहले न्यायाधीश उत्पत ने अमित शाह को मामले की कार्रवाई में उपस्थित न होने को लेकर फटकार लगाई थी। लेकिन अगली तारीख से पहले ही उनका ट्रान्सफर हो गया।

इसके बाद बृजगोपाल लोया आये, उन्होंने भी अमित शाह के उपस्थित न होने पर सवाल उठाए और सुनवाई की तारीख 15 दिसम्बर 2014 तय की लेकिन 1 दिसम्बर को ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद न्यायधीश एमबी गोसवी आये, जिन्होंने दिसम्बर 2014 के अंत में ही अमित शाह को इस मामले में बरी कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here