पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी ने एग्ज़िट पोल को बताया ग़ैर क़ानूनी

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SY Quraishi told Exit Poll illegal
SY Quraishi told Exit Poll illegal
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नई दिल्ली । गुरुवार को गुज़रात विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार अंतिम चरण में क़रीब 69 फ़ीसदी मतदान हुआ। जो पीछले मतदान के मुक़ाबले तीन फ़ीसदी कम है। उधर परम्परा के अनुसार जैसे ही घड़ी में 5 बजे, हमारे ज़्यादातर टीवी न्यूज़ चैनल सबसे सटीक एग्ज़िट पोल लेकर सामने आ गए। सभी चैनल का दावा था की उनका एग्ज़िट पोल ज़मीनी हक़ीक़त के क़रीब है।

चौकाने वाली बात यह है की न्यूज़ 24-चाणक्य को छोड़ के बाक़ी सभी चैनल ने शाम के 6 बजे तक एग्ज़िट पोल के परिणाम सामने रख दिए थे। सभी एग्ज़िट पोल में भाजपा को बहुमत मिलता हुआ दिखायी दे रहा था। यह सब उस समय हो रहा था जब गुजरात के कई बूथो पर मतदान के लिए लम्बी लम्बी लाइन लगी हुई थी। मीडिया के अनुसार 5 बजे के बाद भी बड़ी संख्या में लोग बूथ पर वोट डालने का इंतज़ार कर रहे थे।

ऐसे में क्या यह सम्भव नही है की एग्ज़िट पोल के नतीजों से मतदाता प्रभावित न हुए हो। वैसे भी चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार चुनाव सम्पन्न होने से पहले एग्ज़िट पोल प्रसारित करना ग़ैर क़ानूनी है। फिर भी ज़्यादातर न्यूज़ चैनल ने इस नियम का उलंघन किया। हालाँकि पूर्व चुनाव आयुक्त डॉक्टर एस वाई कुरेशी ने एग्ज़िट पोल को ही ग़ैर क़ानूनी क़रार दिया। उन्होंने आप कैसे किसी को पहले स्थान पर दिखा सकते है।

गुरुवार को एग्ज़िट पोल सामने आने के बाद कुरेशी ने अपने ट्वीटर अकाउंट से लिखा,’ क्या आप जानते है कि एग्ज़िट पोल ग़ैर क़ानूनी है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक्जिट पोल के ‘प्रचार’ और प्रसार पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया गया है। कैसे किसी को पहली जगह पर दिखाया जा सकता है।’

अपने दूसरे ट्वीट में वो लिखते है,’ आरपी अधिनियम की धारा 126 को संसद के द्वारा 2008 में संशोधित किया गया था (न की चुनाव आयोग के द्वारा)। इसके अनुसार एग्ज़िट पोल के प्रचार और प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। आख़िर ये एग्ज़िट पोल कब आयोजित किए जाते है? जब वोटर वोट डालकर अपने बूथ से बाहर निकलता है, जब मतदान अपने पूरे ज़ोरों पर होता है।’

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